नीति आयोग ने कबीरधाम जिले के तालाब उन्नयन कार्यों की सराहना की

नीति आयोग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बोड़ला ब्लॉक के जल संरक्षण अभियान को बताया सफल
58 तालाबों में गहरीकरण, भू-जल स्तर में आया सुधार, किसानों और पंचायतों को मिल रहा लाभ
कवर्धा, 18 सितम्बर 2025। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति एवं आदिवासी बाहुल्य आकांक्षी विकासखंड बोड़ला में तालाब उन्नयन और जल संरक्षण कार्यों की गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुकी है। नीति आयोग ने इस अभियान की सराहना करते हुए अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बोड़ला ब्लॉक के कार्यों को प्रमुख स्थान दिया है। आयोग ने विस्तार से बताया कि किस तरह तालाब गहरीकरण से ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार एवं नीति आयोग ने अप्रैल 2025 से सरोवर समृद्धि कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसके तहत भू-जल संरक्षण एवं संचयन के लिए तालाबों का गहरीकरण और उन्नयन कार्य किए जा रहे हैं। इसी अनुक्रम में कबीरधाम जिले के आकांक्षी विकासखंड बोड़ला को चुना गया, जहाँ स्थानीय प्रशासन और पंचायतों के सहयोग से अभियान को धरातल पर सफलतापूर्वक उतारा गया।
कलेक्टर कबीरधाम श्री गोपाल वर्मा ने जानकारी दी कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य मानसून से पहले तालाबों से गाद निकालकर उनकी क्षमता बढ़ाना और भू-जल पुनर्भरण को सशक्त बनाना है। जिले में बोड़ला ब्लॉक के अंतर्गत कुल 58 तालाबों का उन्नयन स्वीकृत किया गया है। इनमें से 41 तालाबों में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि 27 तालाबों में 10,000 घन मीटर से अधिक गाद निकालने का कार्य पूरा किया जा चुका है। अब तक इन तालाबों से लगभग 3.2 लाख घन मीटर गाद निकाली गई है। निकाली गई गाद को किसानों ने अपने खेतों में उर्वरक के रूप में उपयोग किया है, जिससे भूमि की उर्वरता में वृद्धि हो रही है। साथ ही, पंचायतों ने भी इस गाद का उपयोग मैदानों के समतलीकरण और सड़क निर्माण जैसे कार्यों में किया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत कबीरधाम श्री अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्नयन कार्य पूरे हो चुके 27 तालाब अब पूरी तरह जल से परिपूर्ण हैं। इसका लाभ ग्राम पंचायतों को सीधे तौर पर मिल रहा है। बढ़े हुए भू-जल स्तर से आसपास के हैंडपंप रिचार्ज हो रहे हैं, पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और सिंचाई के लिए भी नए साधन उपलब्ध हो रहे हैं।